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Lauki जहरीली है कैसे पता लगाएं, कैसे करें पहचान?

lauki, लौकी का जूस
3 Apr

Lauki जहरीली है कैसे पता लगाएं, कैसे करें पहचान?

जहरीली लौकी Lauki (जिसे injection लगाकर बड़ा किया गया हो) बेलनाकार और बहुत हरी व रोयेँदार होगी और सामान्य लौकी Lauki की अपेक्षा उसे ही खरीदने का मन करेगा जबकि सही लौकी बड़े बैगन का आकार लिये हुए होगी।

लौकी का पौधा जिसमें की 60 दिनों के बाद फूल और फिर फूल से लौंकी तैयार होते होते एक सप्ताह पंद्रह दिन का समय लगता है। लेकिन जल्दी जल्दी फसल लेने के लिए लोग इसमें सिरिंज से आक्सीटोसिन की कुछ मात्रा पहुंचा देते हैं। जिससे की कुछ दिन बाद ही लौंकी अप्राकृतिक तौर से बड़ी हो जाती है।

ऐसे करें पहचान इंजेक्शन लगी लौकी (Lauki) की पहचान

जब भी आप बाजार लौकी खरीद कर लाएं तो इसे तुरंत इस्तेमाल न करें बल्कि इसे फ्रिज में या बाहर रख दीजिए। अगर लौंकी में आक्सीटोसिन का इंजेक्शन लगा है तो वह दो दिन में ही काली पड़ने लगेगी। तीन दिन बाद उसका हरा रंग धीरे धीरे काला हो जाएगा।

गैस व बदहजमी की समस्या

जब भी शरीर में आक्सीटोसिन वाली लौकी (Lauki) जाती है तो इससे शरीर में गैस्ट्रोइंटाइटिस, बदहजमी की समस्या हो सकती है। ये आक्सीटोसिन मर्दों से ज्यादा महिलाओं को नुकसान पहुंचाता है। ज्यादा मात्रा ले जाने से ये अंगों में शिथिलता की समस्या पैदा कर सकती है।

इंजेक्शन लगी हुई लौकी

कुदरती पकी हुई लौकी

लौकी Lauki के स्वास्थ्यवर्धक फायदे

-इसे उबाल कर कम मसालों के साथ सब्जी बनाकर खाने पर यह मूत्रल (डायूरेटीक), तनावमुक्त करनेवाली (सेडेटिव) और पित्त को बाहर निकालनेवाली औषधि है।

-अगर इसका जूस निकालकर नींबू के रस में मिलाकर एक गिलास की मात्रा में सुबह सुबह पीने से यह प्राकृतिक एल्कलाएजर का काम करता है ,और कैसी भी पेशाब की जलन चंद पलों में ठीक हो जाती है।

-अगर डायरिया के मरीज को केवल लौकी का जूस हल्के नमक और चीनी के साथ मिलकर पिला दिया जाय तो यह प्राकृतिक जीवन रक्षक घोल बन जाता है।

-लौकी के रस को सीसम के तेल के साथ मिलाकर तलवों पर हल्की मालिश सुखपूर्वक नींद लाती है।

-लौकी का रस मिर्गी और अन्य तंत्रिका तंत्र से सम्बंधित बीमारियों में भी फायदेमंद है।

-अगर आप एसिडीटी,पेट क़ी बीमारियों एवं अल्सर से हों परेशान, तो न घबराएं बस लौकी का रस है इसका समाधान।

– केवल पर्याप्त मात्रा में लौकी क़ी सब्जी का सेवन पुराने से पुराने कब्ज को भी दूर कर देता है।

तो ऐसी लौकी ,जिसके औषधीय प्रयोग के बाद भी संगीत प्रेमियों द्वारा वाद्ययंत्र के रूप में और साधुओं द्वारा कमंडल के रूप में किया जानेवाला प्रयोग ,इसकी महत्ता का एहसास दिलाते है। तो लौकी इस नाम क़ी सब्जी को इसके नाम से हल्का न समझें, इसके गुण बड़े भारी हैं ,लेकिन शरीर पर प्रभाव बड़ा ही हल्का और सुखदाई है।

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खतरनाक हो सकता है जहरीली लौकी Lauki का जूस पीना

अगर आप लौकी (Lauki Ka Juice) का जूस पीते हैं तो जरा संभल जाइए. लौकी का जूस हो सकता है खतरनाक. स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बारे में एडवाइजरी जारी की है.

अपनी बेहतर सेहत के लिए अगर आप लौकी के जूस (Lauki Ka Juice)  पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं, तो ज़रा संभलकर. इसका स्वाद अच्छी तरह से परखकर ही पिएं. क्योंकि कड़वा लगने वाला लौकी का जूस ख़तरनाक हो सकता है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बारे में एक एडवाइज़री जारी की है जिसके मुताबिक़, लौकी का जूस (Lauki Ka juice) पीने से पहले इसे चख लें. अगर लौकी का जूस कड़वा लगे तो इसे न पिएं. लौकी के जूस के बारे में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने एक जांच की थी.

आईसीएमआर की रिपोर्ट के बाद ही स्वास्थ्य मंत्रालय ने लौकी के जूस के बारे में ये एडवाइज़री जारी की थी. हांलाकि योग गुरु रामदेव का कहना है कि लौकी का जूस कतई खतरनाक नहीं है. ये तो सेहत के लिए फायदेमंद है.

हाल के कुछ सालों में लोगों के बीच लौकी का जूस (Lauki Ka Juice) पीने का चलन काफ़ी बढ़ गया है. गौरतलब है कि पिछले साल 9 जुलाई को दिल्ली में एक शख़्स की मौत हो गई थी. इस घटना के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने लौकी के जूस के खतरों की जांच का आदेश दिया था.

आईसीएमआर ने सुझाव दिया है कि लौकी का जूस किसी और जूस के साथ मिलाकर न पिया जाए. साथ ही लौकी का जूस पीने से ज़रा भी दिक्कत होने पर मरीज़ को फौरन अस्पताल में भर्ती कराने की भी हिदायत दी गई है.

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